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एससी/एसटी मुद्दे से 2019 के चुनावों पर नहीं पड़ेगा कोई असर, BJP कार्यकारिणी की बैठक में बोले अमित शाह


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Ajmer:नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी मिशन 2019 को लेकर अभी से ही जोर आजमाइश में जुट गई है। भाजपा ने आने वाले चार विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों को लेकर कमर कस चुकी है। आगामी चुनावों मसलन विधानसभा और लोकसभा चुनाव 2019 की तैयारियों का जायज़ा दो दिन की बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू गई है। दिल्ली के अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में चल रही भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि एससी/एसटी मुद्दे के बारे में भ्रम पैदा करने का प्रयास किया गया है, लेकिन इससे 2019 के चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2019 में भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ आएगी, क्योंकि संकल्प की शक्ति को कोई पराजित नहीं कर सकता। पार्टी डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को लेकर हमलावर विपक्ष एवं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक संसद में पारित कराने को लेकर सवर्ण समाज की नाराजगी के बीच समाज के सभी वर्गो के लोगों के बीच सामाजिक समरसता का संदेश फैलाने पर जोर देगी। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक दिल्ली के अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में होगी और इसके केंद्रीय विषयवस्तु में पार्टी के दिवंगत नेता एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी होंगे। आज सुबह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रदेश इकाई के अध्यक्षों की बैठक हुई । बैठक में पार्टी ने अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव में 2014 के लोकसभा चुनाव से अधिक बहुमत से जीत दर्ज करने के लिये काम करने का संकल्प लिया । शाह ने ट्वीट किया, ‘‘दिल्ली के अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक का शुभारंभ किया ।’’ कार्यकारिणी सभागार का नाम भी वाजपेयी के नाम पर रखा गया है और पार्टी एक प्रस्ताव पारित कर उन्हें श्रद्धांजलि भी देगी।राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में शाह शुरूआती संबोधन देंगे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी समापन भाषण देंगे । भाजपा केंद्र सरकार की सामाजिक न्याय की पहल और आर्थिक सफलताओं को रेखांकित कर सकती है जिसका लक्ष्य गरीब सशक्तिकरण है। भाजपा प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा था कि कार्यकारणी की बैठक में सभी समसामयिक मुद्दों पर चर्चा होगी हालांकि उन्होंने इसका ब्यौरा नहीं दिया । पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक अबंडेकर केंद्र में होने का मकसद सामाजिक संदेश देने से जुड़ा भी माना जा रहा है। बैठक के स्थल को जोड़कर भाजपा यह संदेश देने का प्रयास करेगी कि उसकी रीति नीति में अंबेडकर उतने ही अहम है जितने दूसरे नेता। बैठक में सरकार की कल्याण योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा किये जाने की उम्मीद है। इसमें किसानों को फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि के सरकार के फैसले, राष्ट्रीय नागरिक पंजी, अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के लोगों के अधिकारों की रक्षा के संदर्भ में उठाये गए कदम, ओबीसी राष्ट्रीय आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के कदम आदि के बारे में भी चर्चा हो सकती है। पार्टी के एक नेता के अनुसार, भाजपा का जोर सामाजिक समरसता पर है और हर हाल में सामाजिक सद्भाव बनाये रखने पर जोर दिया जाएगा । बैठक में 2019 में लोकसभा चुनाव और राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारी के बारे में भी चर्चा होगी । पार्टी राष्ट्रीय नागरिक पंजी को महत्वपूर्ण विषय मानती है और हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने जोर दिया था कि राष्ट्रीय नागरिक पंजी के संबंध में पार्टी का स्पष्ट मत है कि अवैध विदेशी घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा । भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक ऐसे समय में हो रही है जब डालर के मुकाबले रुपये की कीमत में गिरावट, पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में वृद्धि को लेकर विपक्ष हमलावर है। नोटबंदी और राफेल सौदे को लेकर भी विपक्ष सरकार पर निशाना साध रहा है। इसके अलावा सवर्ण समाज द्वारा संसद के मानसून सत्र के दौरान पारित अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण संशोधन विधेयक का भी विरोध किया जा रहा है। गुरुवार को सवर्ण समाज से जुड़े कुछ कथित संगठनों ने भारत बंद का आयोजन भी किया था।