X Close
X

जरूरत नहीं फिर भी खरीद लिए 11 करोड़ के उपकरण, आयुर्वेद विभाग में मरीजों के नाम पर बड़े घोटाले का खुलासा


O7-1
Ajmer:जयपुर। सरकारी विभागों में आम जन की जरूरत बता कर विभागीय खरीद में घोटाले का सिलसिला जारी है। ऐसा ही बड़ा घोटाला आयुर्वेद विभाग में सामने आया है। विभाग में जरूरत नहीं होते हुए भी चिकित्सा केन्द्रों के लिए आयुर्वेद निदेशालय के अफसरों ने 11 करोड़ रुपए का फर्नीचर खरीद डाला। नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में सामने आया कि मरीजों की जरूरत बता कर जो सामान खरीदा वह आज तक अस्पतालों के स्टोर्स से निकल ही नहीं सका और करोड़ों रुपए के उपकरण खराब हो गए। जानकारी के अनुसार आयुर्वेद विभाग में वर्ष 2012-14 के दौरान खरीद के नाम पर यह घोटाला हुआ। निदेशालय के अफसरों ने चिकित्सालयों में ऐसे मरीजों के लिए तत्काल जरूरत बता कर उपकरणों की खरीद के प्रस्ताव तैयार किए गए। सुई होल्डर,ड्रेसिंग फोरसेप,बीपी उपकरण,आईनार लैप,रोगी परीक्षाण टेबल,मेग्निफाइंग ग्लास और भारी भरकम रैक्स की खरीद की गई। उच्च स्तर पर भी बिना जरूरत की इस 11 करोड रुपए की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी भी दे दी गई। नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट में सामने आया कि निदेशालय ने जब फर्नीचर की खरीद की तो जिला आयुर्वेद अधिकारियों से इस संबध में जरूरत के कोई प्रस्ताव नहीं मांगे गए। इतना नहीं स्वास्थ्य केन्द्रों की संख्या को ध्यान में नहीं रखते हुए स्टेथकोप, वजन तोलने की मशीन, टांका लगाने की सुई एवं धागा,कार्यालय टैबल की खरीद भी की गई। खरीद के बाद किसी भी जिला आयुर्वेद अधिकारी ने इन फर्नीचर की उपयोगिता प्रमाण पत्र निदेशालय को नहीं भेजे। नियंत्रण महालेखा परीक्षक ने अपनी रिपोर्ट मे लिखा है कि बिना जरूरत के मंहगे उपकरणों की खरीद करने पर विभाग ने किसी भी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की। जिससे राजकोष को इतना बडा नुकसान हुआ। जबकि अफसरों से विभाग को वसूली करनी चाहिए थी।