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गत वर्ष के 310.24 मीटर के जलस्तर के निकट पहुंचा बीसलपुर बांध।


Ajmer:

गत वर्ष के 310.24 मीटर के जलस्तर के निकट पहुंचा बीसलपुर बांध।
अभी बरसात के दो माह बाकी हैं। अजमेर के साथ भेदभाव। 

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अजमेर, जयपुर, टोंक और दौसा जिलों के कोई एक करोड़ लेागों की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध का जल स्तर दस अगस्त को दोपहर तीन बजे तक 309.95 मीटर मापा गया। त्रिवेणी के दो मीटर के गेट को देखते हुए माना जा रहा है कि देररात तक बांध का जलस्तर 310 मीटर के पार हो जाएगा। गत वर्ष बरसात के अंत में बांध का जलस्तर 310.24 मीटर था, यानि गत वर्ष के मुकाबले में अब चौबीस सेंटीमीटर पानी की और जरूरत है। बीलसपुर बांध के जलस्तर पर निगरानी रखने वाले सहायक अभियन्ता मनीष बंसल ने बताया कि पिछले चौबीस घंटे में बांध में तीस सेंटीमीटर से ज्यादा पानी आया है। ऐसे में गत वर्ष का जल स्तर 310.24 मीटर 11 अगस्त तक हो जाएगा। चूंकि अभी बरसात के दो माह शेष हैं। इसलिए उम्मीद है कि बांध में पर्याप्त मात्रा में पानी आ जाए। बांध के भराव क्षेत्र चित्तौड़ और भीलवाड़ा में अभी भी तेज बरसात की जरूरत है। जब दोनों जिलों में एक साथ तेज वर्षा होगी तो हो सकता है कि बांध में भराव क्षमता तक पानी आ जाए। बांध की भराव क्षमता 315.50 मीटर है। 2016 में 315.50 मीटर के पार पानी आ गया था इसलिए बांध के चैनल गेट खोलने पड़े।
अजमेर के साथ भेदभाव:
बीसलपुर बांध के पानी वितरण में अजमेर के साथ लगातार भेदभाव हो रहा है। जयपुर जिले में रोजाना पेयजल की सप्लाई के लिए अजमेर से ज्यादा जयपुर को पानी दिया जाता है। अभी भी करीब 400 एमएलडी पानी जयपुर को और मात्र 200 एमएलडी पानी अजमेर को दिया जा रहा है। यही वजह है कि बरसात के दिनों में भी अजमेर जिले में शहरी क्षेत्र में तीन दिन में और ग्रामीण क्षेत्रों में दस दिन में एक बार पेयजल की सप्लाई हो रही है। अजमेर के साथ हो रहे भेदभाव पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के नेता चुप रहते हैं।

एस.पी.मित्तल) (10-08-19)

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