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सोनिया गांधी के फिर से अध्यक्ष बनने पर राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्थिति मजबूत होगी।


Ajmer:

सोनिया गांधी के फिर से अध्यक्ष बनने पर राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्थिति मजबूत होगी।

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श्रीमती सोनिया गांधी के कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की स्थिति और मजबूत होगी। सवाल यह नहीं है कि इससे प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और डिप्टी सीएम सचिन पायलट की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन अहम बात यह है कि दिसम्बर 2018 में श्रीमती सोनिया गांधी के दखल से ही गहलोत राजस्थान के सीएम बने थे। सब जानते हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने पर सचिन पायलट को सीएम पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था, इसलिए दिल्ली में कई दिनों तक गहलोत और पायलट के बीच उठा पठक होती रही। सूत्रों की माने तो राजस्थान के सीएम के नाम को लेकर श्रीमती सोनिया गांधी और राहुल गांधी के विचारों में भी सहमति नहीं थी, इसलिए प्रियंका गांधी की भी एंट्री करवाई गई। पायलट के सीएम नहीं बनने की कसक आज भी उनके समर्थकों में हैं। लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लेकर जो टिप्पणी की उससे राजनीति माहौल गर्म हो गया। सचिन पायलट का भी कहना रहा कि जब हम पांच माह में विधानसभा का चुनाव जीते तो फिर कांग्रेस की सरकार रहते हुए लोकसभा में सभी 25 सीटों पर हार क्यों हो गई, इसकी जांच होनी चाहिए। राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद सचिन पायलट का सवाल दब गया। कांग्रेसियों का सारा ध्यान राहुल को मनाने में लग गया। लेकिन अब जब कांग्रेस की कमान फिर सोनिया गांधी के हाथ में आ गई है, तब गहलोत के समर्थक बेहद उत्साहित हैं। सूत्रों की माने तो गहलोत की सक्रिय भूमिका से ही सोनिया गांधी दोबारा से अध्यक्ष बनने को तैयार हुई है। हालांकि अध्यक्ष के चयन के लिए कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक 10 अगस्त को थी, लेकिन गहलोत 8 अगस्त को ही दिल्ली पहुंच गए। मुख्यमंत्री बनने के आठ माह गहलोत का ज्यादातर समय दिल्ली में ही बीता है। सूत्रों की माने तो अब अशोक गहलोत का कार्य और मजबूती के साथ कर सकेंगे। गहलोत को राहुल गांधी के मुकाबले सोनिया गांधी से तत्काल संवाद करने में आसानी रहती है। लोकसभा चुनाव में हार के बाद राहुल गांधी ने अशोक गहलोत जैसे वफादार नेताओं से भी बात करना बंद कर दिया था, तब गहलोत सरीखे नेता सोनिया गांधी से ही मिल कर काम चला रहे थे।

एस.पी.मित्तल) (11-08-19)

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